ज्ञानशाला के बच्चो के द्वारा पिछले एक हफ़्ते से “ईएमसीटी अर्थ डे वेस्ट टू वंडर ‘ की थीम पर पुराने कूड़े के समान से विभिन तरह के सजावटी वस्तुयें, फूलदाल, वेस्ट टू पेंट, ड्रीम हाउस इत्यादि चीज़ बनायी। चिप्स के पैकेट से सजावट की वस्तु, पुरानी प्लास्टिक की बोतलों से पौधों के लिए गमले बनाये गये, लगभग सभी बच्चो ने इस मुहिम में अपना योगदान दिया। ईएमसीटी की संस्थापक रश्मि पाण्डेय ने बताया की आज हमारी पृथ्वी कूड़े के बोझ के तले दबी हुई है जिसमे कभी ना ख़त्म होने वाली प्लास्टिक के अभिशाप के रूप में बन चुकी है, पृथ्वी और पर्यावरण को बचाने के लिए ईएमसीटी की टीम द्वारा इस मुहिम का अहवाहन किया और अपनी धरती को साफ़ सुथरा बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे ज़्यादा से ज़्यादा रिसाइल करेंगे ताकि पृथ्वी का बोझ कुछ कम हो सके।

ईएमसीटी ज्ञानशाला की एजुकेशन डायरेक्टर सरिता सिंह ने बताया कि बच्चो ने मिलकर कई प्रोजेक्ट बनाये है, बच्चे इस मुहिम में मिल जुल कर अपनी भागीदारी निभा रहे है हम अच्छे बच्चो के प्रोजैक्ट्स को पुरस्कृत भी करेंगे।



More Stories
अवैध डंपिंग पर ग्रेनो प्राधिकरण सख्त,एम्स गोल्ड होम पर 40,400 रुपये का जुर्माना,खाली प्लॉट में हॉर्टिकल्चर वेस्ट डालने पर डंपर जब्त कर 40 हजार का जुर्माना।
लीज डीड की शर्तों के अनुसार किसानों को दवाई व पढ़ाई में मिले छूट: चौधरी प्रवीण भारतीय।
विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए एकजुट हुआ गौतमबुद्ध नगर।