ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कॉन्ट्रैक्टरों व सफाईकर्मियों के बीच चल रहे विवाद को सुलझा लिया है। मंगलवार को प्राधिकरण के एसीईओ दीप चंद्र ने कॉन्ट्रैक्टरों और सफाई कर्मियों के साथ बैठक की।एसीईओ ने किसी भी सफाईकर्मी को नौकरी से न हटाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी गतिरोध को सुलझाते हुए सफाई व्यवस्था को 72 घंटे में दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी तो कॉन्ट्रैक्टरों पर तगड़ी पेनल्टी लगाई जाएगी। उनको ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।
ग्रेटर नोएडा में सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए चार जोन में बांटते हुए अलग-अलग कॉन्ट्रैक्टरों को सफाई का जिम्मा दिया गया है। इस नई व्यवस्था में कॉन्ट्रैक्टर कुछ पुराने सफाई कर्मियों को नौकरी पर नहीं रखना चाहते, जिसके चलते सफाईकर्मियों और कॉन्ट्रैक्टरों के बीच कुछ दिनों से गतिरोध बना हुआ था। प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर मंगलवार को एसीईओ दीप चंद्र ने सफाई कर्मियों व कॉन्ट्रैक्टरों के साथ बैठक की। एसीईओ ने सभी कॉन्ट्रैक्टरों को निर्देश दिए कि पहले से कार्यरत किसी भी सफाई कर्मी को नौकरी से न निकाला जाए। करीब 35 सफाई कर्मियों की नौकरी पर दिक्कत थी। इन सभी को नौकरी पर रखें। उन्होंने कॉन्ट्रैक्टरों को 72 घंटे के अंदर सभी गतिरोध को दूर करते हुए शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने को कहा है। एसीईओ ने चेतावनी दी है कि इस कार्य में और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवधि में व्यवस्था दुरुस्त ना हुई तो कॉन्ट्रैक्टरों पर तगड़ा जुर्माना लगाया जाएगा। उनको ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।



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