August 30, 2026

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उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष ने किया एमिटी विश्वविद्यालय का दौरा।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्रियान्वयन प्रक्रिया की प्रगति के संर्दभ में विचारों को प्रकट करने के लिए उत्तरप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो गिरिश चंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में एडिशनल सेक्रेटरी डा आर के चतुर्वेदी और अतुल त्रिपाठी के उच्च प्रतिनिधिमंडल ने एमिटी विश्वविद्यालय का दो दिवसीय दौरा किया। इस अवसर एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा अशोक कुमार चौहान, एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश के चांसलर डा अतुल चौहान और एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश की वाइस चांसलर डा (श्रीमती) बलविंदर शुक्ला ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस दो दिवसीय दौरे में प्रतिनिधिमंडल ने एमिटी विश्वविद्यालय के शिक्षकों, छात्रों से मुलाकात सहित प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और स्टूडियो का भ्रमण किया और शोध कार्य, पाठयक्रम संबधित जानकारी प्राप्त की।

उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो गिरिश चंद्र त्रिपाठी ने छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें भारत को आत्मनिर्भर और स्वतः यथेष्ठ बनाना है और इसके लिए अकादमिक, समाजिक, अर्थव्यवस्था, संास्कृतिक, आध्यात्मिक हर क्षेत्र में नेतृत्व करने वालों को निर्माण करना होगा और यह उच्च शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है।

हमें ऐसे लोगों की आवश्यकता है जिन्हे अच्छे मार्ग का ज्ञान हो और वो अन्य लोगों को मार्ग पर चलने के लिए प्रोत्साहित करें किंतु सबसे जरूरी है कि उस मार्ग पर स्वंय चले। जीवन में सब लोग उसी व्यक्ति की बात मानते है जो अच्छे मार्ग पर चल कर पथ प्रदर्शित करता है। विश्वविद्यालयों को केवल चुनौतियों को समझना ही नही है बल्कि उनके निवारण हेतु कार्य करना है और छात्रों को प्रेरित करना है। अकादमिक और उद्योगों के मध्य मजबूत संबंध व्याप्त होना चाहिए। अगर कोई विश्वविद्यालय क्षमतावान है तो उसे अन्य विश्वविद्यालयों जिनकी क्षमता कम है उनके साथ उत्कृष्ट केंद्रो की स्थापना हेतु एमओयू साइन करने चाहिए और छात्रों शिक्षकों को एक्सचेंज कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए। प्रो त्रिपाठी ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उददेश्य छात्रों को सर्वागीण विकास है जिसके लिए पहले छात्रों की प्रतिभा को पहचानना होगा। शिक्षा के प्रति एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना होगा और यह कार्य एकल या नेपथ्य में रहकर नही हो सकता। उन्होनें कहा कि हमें सभी के लिए डिजिटल मोड, एकीकृत और संपूर्ण विकास की शिक्षा विकसित करनी होगी। संरचनागत परिवर्तन के अंर्तगत सभी लोगों के साथ मिलकर विचारों को सुनकर परिचर्चा करनी होगी। सर्वप्रथम समझना होगा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्या है और इसके कार्यान्वयन के लिए रोड मैप बनाना होगा। हमें ऐसे युवाओं का निर्माण करना है जो देश हित को प्राथमिकता दें। हर समाजिक, राजनितिक, संास्कृतिक आदि समस्याओं का समाधान केवल शिक्षा के माध्यम से सभव है। उन्होनें कहा शिक्षा केवल मानव मस्तिष्क को विकसित नही करती बल्कि हदय को भी प्रकाशवान करती है। हमारी वसुधैव कुटुबंकम के दर्शन ने हमें विश्व गुरू बनाया। शिक्षा को संस्कारों के साथ जोड़ना होगा।एडिशनल सेक्रेटरी डा आर के चतुर्वेदी ने संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं के विकास में ही देश विकास निहित है। ज्ञान और तकनीकी को साझा करके आप भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करेे। भारत प्राचीन समय से ही बौद्धिक और आर्थिक रूप से संपन्न था जहा कई देशों के साथ शिक्षा ग्रहण करने आते थे। डा चतुर्वेदी ने कहा कि उत्तरप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद, एमिटी व अन्य शिक्षण संस्थानों को पूर्णत सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा अशोक कुमार चौहान ने कहा कि एमिटी का उददेश्य छात्रों का सर्वागीण विकास है इसके अतिरिक्त हम छात्रों को शोध, नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रोत्सहित भी करते हैं। डा चौहान ने कहा कि किसी भी देश के उत्थान और विकास में शिक्षण की भागीदारी आवश्यक है। छात्रों को प्रो त्रिपाठी के दिखाये गये मार्गदर्शन का अनुसरण करना चाहिए।एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश के चांसलर डा अतुल चौहान ने ंसबोधित करते हुए कहा कि आज सारा विश्व कह रहा है भारत विश्व का नेतृत्व करेगा यह केवल आप युवाओं के माध्यम से संभव है। विश्व में भारतीय लोगों की बु़िद्धमता, कार्य के प्रति जुनून, प्रज्ञता और दृढ़ निश्चियता का कोई मुकाबला नही है। एमिटी मे ंहम छात्रों को सफल इंसान बनने से पूर्व एक अच्छा इंसान बनने के लिए प्रेरित करते है। प्रो त्रिपाठी के दृष्टिकोण में उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा ने नये आयाम स्थापित किये है। एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश की वाइस चांसलर डा (श्रीमती) बलविंदर शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज दिन हमारे लिए अत्यंत हर्ष भरा है जब हमारे यहां मार्गदर्शन देने उत्तरप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद के उच्च प्रतिनिधिमंडल का आगमन हुआ है। मानव मूल्यों के साथ उच्च गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा ही हमारे संस्थान की बुनियाद है।इस दो दिवसीय दौरे में प्रतिनिधिमंडल के सम्मुख एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश की वाइस चांसलर डा (श्रीमती) बलविंदर शुक्ला, एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती, एमिटी गु्रप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह और एमिटी लॉ स्कूल के चेयरमैन डा डी के बंद्योपाध्याय ने आने वाले पांच वर्षो की योजना, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीती कार्यान्वयन का रोड मैप, छात्रों के रोजगार को बढ़ाने की रणनीति, छात्रों को उद्योगों के अनुरूप तैयार करने की रणनीति एवं शोध कार्य पर प्रस्तुती दी।

 

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