ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अनुमति के बिना फुटओवर ब्रिज की जगह बदलकर अर्थ एसईजेड व निजी अस्पताल के सामने बनाने की घटना को सीईओ एनजी रवि कुमार ने गंभीरता से लिया है। सीईओ ने फुटओवर ब्रिज के निर्माण पर तत्काल रोक लगाते हुए जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट भी मांगा है। अब तक जितना निर्माण हो चुका है, उसे भी तोड़ने के निर्देश दिए है। सीईओ ने संबंधित काॅन्ट्रैक्टर को नोटिस जारी कर ब्लैक लिस्ट करने के निर्देष दिए हैं। साथ ही कार्य में लापरवाही मानते हुए इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा वासियों की सुविधा को देखते हुए सीईओ एनजी रवि कुमार ने जरूरत के हिसाब से सभी सार्वजनिक जगहों पर फुटओवर ब्रिज बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों को सड़क पार करने में सुविधा हो सके। इनमें से ही एक फुटओवर ब्रिज ग्रेटर नोएडा वेस्ट में निराला एस्टेट और सुपरटेक ईको विलेज के पास बनाया जाना था, लेकिन काॅन्ट्रैक्टर ने प्राधिकरण से अनुमति के बिना लोकेशन बदल दिया। कान्ट्रैक्टर निराला एस्टेट के पास वाले एफओबी को अर्थ एसईजेड के पास और सुपरटेक ईको विलेज को निजी अस्पताल के पास बनाने लगा। इसकी सूचना सीईओ तक पहुंची। उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और दोनों फुटओवर ब्रिज का काम तत्काल रुकवा दिया। सीईओ ने एक कमेटी बनाकर इसकी जांच कराने नोटिस जारी कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कार्य में लापरवाही मानते हुए इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। सीईओ ने ग्रेटर नोएडावासियों से सर्वाधिक जरूरत वाले जगहों की लोकेशन पर सुझाव देने की अपील की है।



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