August 30, 2026

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या,कानपुर और विन्ध्याचल मण्डल के जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्याें की प्रगति की समीक्षा की।

लखनऊ: 19 जनवरी, 2023 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर अयोध्या, कानपुर और विन्ध्याचल मण्डल के जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्याें की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने एक-एक कर जनपद सुल्तानपुर, बाराबंकी, अमेठी, अम्बेडकरनगर, मीरजापुर, संत रविदास नगर, सोनभद्र, कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद और कन्नौज के सांसद व विधायक गण से उनके क्षेत्र की विकास योजनाओं की जानकारी ली और आवश्यकतानुसार दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने नवीन विकास कार्यों के बारे क्षेत्रीय जनाकांक्षाओं से अवगत कराया और इस सम्बन्ध में अपने प्रस्ताव भी दिए। मुख्यमंत्री ने सांसद और विधायकगणों के इन प्रस्तावों पर तत्काल कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय को निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने 01 ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है। आगामी 10-12 फरवरी को आयोजित उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य में व्यापक निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि 10 फरवरी से प्रारम्भ हो रहे यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के मुख्य समारोह से सभी जिलों को जोड़ा जाए। इससे प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन सभी को प्राप्त होगा। इस आयोजन में स्थानीय निवेशकों, उद्यमियों को आमंत्रित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था सुदृढ़ है, विशाल लैण्ड बैंक है, बेहतर कनेक्टिविटी है, कुशल मानव संसाधन है। बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास करके औद्योगिक विकास के लिए बेहतर माहौल तैयार किया गया है। राज्य सरकार विकास के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सांसद-विधायकगण अपने क्षेत्र की सम्भावनाओं की ब्राण्डिंग करें। इससे निवेश आएगा और रोजगार के मौके सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी और घरेलू निवेशक रोड शो से प्रेरणा लेते हुए विभिन्न जनपदों ने अपने प्रयासों से निवेशक सम्मेलन आयोजित किए। इन जिला स्तरीय निवेशक सम्मेलनों में हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिल रहे हैं। जनपद स्तरीय निवेशक सम्मेलन में बाराबंकी ने 800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। अयोध्या, विन्ध्याचल और कानपुर मण्डल के जनपदों को भी निवेशक सम्मेलन आयोजित करने चाहिए। इन जनपदों में हर सेक्टर के लिए अवसर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदीय निवेशक सम्मेलन के आयोजन के लिए सांसद के नेतृत्व में विधायकगण बेहतर सेक्टरवार कार्ययोजना तैयार करें। जिला प्रशासन, औद्योगिक अवस्थापना विभाग, इन्वेस्ट यू0पी0 और मुख्यमंत्री कार्यालय से सहयोग लें। अपने क्षेत्र के उद्यमियों, व्यापारियों, प्रवासीजनों से संवाद-सम्पर्क बनाएं। उन्हें प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीतियों, सेक्टोरल पॉलिसी की जानकारी दें। अपने क्षेत्र की सम्भावनाओं के बारे में बताएं और निवेश के लिए प्रोत्साहित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश आज सांस्कृतिक व आध्यात्मिक नवजागरण का साक्षी बन रहा है। देश-दुनिया के लोग दिव्य, भव्य और नव्य अयोध्या के दर्शन को आतुर हैं। देश-विदेश की अनेक निजी कम्पनियां, राज्य सरकारें, धार्मिक संस्थाएं अयोध्या में निवेश को उत्सुक हैं। इसका सीधा लाभ हमारे युवाओं को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक सुषमा से परिपूर्ण सोनभद्र, मीरजापुर में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। माँ विन्ध्यवासिनी कॉरिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा होगी। यहां हर घर नल की योजना से आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। भदोही की कालीन पूरी दुनिया में पसन्द की जा रही है। आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी नियोजित प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कानपुर मण्डल का परिक्षेत्र सामाजिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और औद्योगिक दृष्टि से अत्यन्त समृद्ध रहा है। प्रदेश के निर्यात को बढ़ाने में कानपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज सहित पूरे कानपुर मण्डल की बड़ी भूमिका है। डिफेंस काॅरिडोर हो या फिर एक जनपद एक उत्पाद योजना, इनका लाभ कानपुर मण्डल सहित पूरे उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को हो रहा है। कन्नौज के इत्र की आज दुनिया के कई देशों में मांग है। संकिसा में पर्यटन सुविधाएं बेहतर हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानपुर उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर का एक महत्वपूर्ण नोड है। इससे यहां की एम0एस0एम0ई0 इण्डस्ट्री व छोटे उद्योगों के लिए नई सम्भावनाएं तैयार हुई हैं। यहां के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। यह अकल्पनीय था गंगा जी में गिरने वाला सीसामऊ जैसा विशाल नाला भी एक दिन बन्द हो सकता है। यह कार्य जनप्रतिनिधियों और जनसहभागिता से साकार हुआ है। प्रधानमंत्री जी ने यहां नौका विहार किया तो पूरा देश देखता रह गया। प्रदेश में ‘नमामि गंगे’ के तहत अच्छा कार्य हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इटावा, कन्नौज, बाराबंकी, फर्रुखाबाद जिलों में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए बड़ी सम्भावनाएं हैं। यहां आलू, टमाटर की अच्छी पैदावार होती है। राज्य सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति लागू की है। सांसद-विधायकगण निवेशकों को इसके बारे में बताएं। भूमि सहित हर तरह के जरूरी संसाधन सरकार उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा कि विगत साढ़े पांच-छह वर्षों में सुदूर गांवों तक अच्छी सड़कें बनाई गई हैं। घर-घर पीने का साफ पानी सुलभ हुआ है। विगत साढ़े पांच-छह वर्षों ने गन्ना किसानों को 1.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। समयबद्ध भुगतान सरकार की प्राथमिकता है। क्षेत्रीय आवश्यकता के दृष्टिगत नई चीनी मिलें स्थापित की गई हैं। पुरानी मिलों की क्षमता वृद्धि और आधुनिकीकरण का कार्य हो रहा है। सुल्तानपुर को भी इसका लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधिगण प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीतियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, पाॅलीटेक्निक, आई0टी0आई0 में युवाओं के बीच इन पर परिचर्चा कराई जाए। जनप्रतिनिधिगण इन कार्यक्रमों में प्रतिभाग करें। उन्होंने कहा कि संस्कृत विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए शासन स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इन विद्यालयों में छात्रावास, पर्याप्त शिक्षक हों, विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा मिले, इसके प्रबन्ध किये जा रहे हैं। सांसद और विधायकों से इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सभी जिलों में रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधिगण अपने क्षेत्रों में अधिकाधिक मेलों के आयोजन में सहयोग करें। राज्य सरकार द्वारा सभी तहसील मुख्यालयों पर चरणबद्ध रूप से फायर स्टेशन स्थापित कराए जा रहे हैं। हर अग्निशमन केन्द्र में प्रशिक्षित कर्मी तैनात होंगे। सोनभद्र जिले में जनपद न्यायालय का भवन निर्माण शीघ्र ही प्रारम्भ हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत साढ़े पांच-छह वर्षों में योजनाबद्ध प्रयासों से प्रदेश में खनन सम्बन्धी कार्यों में पारदर्शिता आयी है। आमजन हों या पट्टाधारक अथवा ट्रांसपोर्टर, सभी की सुविधा का ध्यान रखते हुए अनेक अभिनव प्रयास किए गए हैं। खनन कार्य से जुड़े सभी हितधारकों के लिए पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। व्यवस्था को सुचारु बनाये रखने में सांसद-विधायकगण भी सहयोग करें। कहीं भी अवैध खनन अथवा ओवरलोडिंग की गतिविधि न हो। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधिगण क्षेत्र में संचालित विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करते रहें। यह योजनाएं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की छवि निर्माण में सहायक हैं। जनप्रतिनिधिगण विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने में योगदान करें।

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