August 30, 2026

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ग्रेटर नोएडा में दादरी विधायक तेजपाल नागर ने सादोपुर गांव में लगी स्ट्रीट स्मार्ट एलईडी लाइटों का किया शुभारंभ,एक साल में सभी गांवों व सेक्टरों में स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का लक्ष्य।

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खाते में शुक्रवार को एक और उपलब्धि जुड़ गई। ग्रेटर नोएडा में स्मार्ट एलईडी लाइट की शुरुआत हो गई है। दादरी विधायक तेजपाल नागर ने शुक्रवार शाम सादोपुर गांव में लगी स्ट्रीट लाइटों का शुभारंभ किया। गांव में करीब 300 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। प्राधिकरण इसी तरह ग्रेटर नोएडा के अन्य गांवों व सेक्टरों की सड़कों को स्मार्ट एलईडी लाइट से रोशन करेगा।


ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा की सड़कों को स्मार्ट एलईडी लाइट से रोशन करने का जिम्मा सूर्या रोशनी कंपनी को सौंप रखा है। कंपनी शहर में अलग-अलग जगहों पर स्मार्ट एलईडी लाइटें लगा रहा है। शुक्रवार को सादोपुर में लगी करीब 300 स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइटों को जलाकर इस प्रोजेक्ट की औपचारिक शुरुआत कर दी गई। वैसे तो इसका शुभारंभ छह जनवरी को मुख्यमंत्री योगी

आदित्यनाथ के हाथों प्रस्तावित था, लेकिन उनके न आ पाने के कारण दादरी विधायक तेजपाल नागर ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक सलिल यादव की मौजूदगी में मोबाइल एप के जरिए इसका शुभारंभ कर दिया। विधायक ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के इस पहल को खूब सराहा। इस अवसर पर सलिल यादव ने बताया कि कंपनी एक साल में ग्रेटर नोएडा के गांवों व सेक्टरों को मिलाकर करीब 54 हजार एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाएगी। सात साल तक इन स्ट्रीट लाइटों को जलाने व रखरखाव का जिम्मा भी कंपनी पर ही है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 48 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्मार्ट एलईडी लाइट लग जाने से मौजूदा खर्च की तुलना में आधी बिजली से ही ग्रेटर नोएडा के गांवों व सेक्टरों की सड़कें रोशन रहेंगी। उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा में लगने वाली हर स्मार्ट एलईडी लाइट का एक कोड होगा, जिसके जरिए कंट्रोल रूम से पता चल सकेगा कि कौन सी स्ट्रीट लाइट जल रही है और कौन सी खराब है। खराब स्ट्रीट लाइट को तत्काल ठीक किया जा सकेगा। एक-एक स्मार्ट एलईडी लाइट को कंट्रोल रूम से संचालित किया जा सकेगा। यह कंट्रोल रूम ग्रेटर नएडा प्राधिकरण में बनेगा। अगर कोई स्ट्रीट लाइट से बिजली चोरी करने की कोशिश करेगा तो उसकी सूचना कंट्रोल रूम को मिल जाएगी और वहां की लाइट बंद हो जाएगी। इससे बिजली चोरी पर रोक लगेगी। जहां पर अभी तक स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है वहां पर भी स्ट्रीट लाइट लगाने की तैयारी है। स्मार्ट एलईडी लाइट्स को ग्रेटर नोएडा के जीआईएस सिस्टम से भी संबद्ध कर दिया जाएगा, जिससे प्राधिकरण को भी पता चलता रहेगा कि कौन सी स्ट्रीट लाइट जल रही है और कौन सी बंद है। स्मार्ट एलईडी लाइट का डैश बोर्ड बनेगा, जिस पर शहर का कोई भी नागरिक स्ट्रीट लाइट का ब्योरा देख सकेगा। अगर कोई स्ट्रीट लाइट खराब है तो जैसे ही कोई निवासी उस स्ट्रीट लाइट के पास जाकर एप से शिकायत कर सकेगा। कंपनी व प्राधिकरण के सिस्टम पर खराब स्ट्रीट लाइट का ब्योरा तत्काल आ जाएगा। 24 से 72 घंटे के अंदर उस स्ट्रीट लाइट को ठीक कर दिया जाएगा। ऐसा न करने पर कंपनी पर पेनल्टी लगाई जाएगी। प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने एलईडी लाइट की शुरुआत होने पर खुशी जताई और अपनी टीम व सूर्या कंपनी की सराहना की।

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