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साइड इफेक्ट: युवाओं में तेजी से बढ़ रहा ‘साइलेंट लिवर क्राइसिस,लिवर हेल्थ का ABCD फॉर्मूला अपनाएं: स्वस्थ जीवन की आसान और असरदार कुंजी।

नोएडा एक्सटेंशन, 18 अप्रैल 2026: यथार्थ हॉस्पिटल, नोएडा एक्सटेंशन के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं इंटरवेंशनल एंडोस्कोपी विभाग के निदेशक डॉ. राकेश कुमार जगदीश ने वर्ल्ड लीवर डे के अवसर पर चेतावनी दी कि बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता स्क्रीन टाइम और गलत खानपान मिलकर एक “साइलेंट लिवर क्राइसिस” को जन्म दे रहे हैं, जिसका सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि आज के समय में लिवर खराब होने के प्रमुख कारणों में नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) सबसे तेजी से बढ़ती बीमारी बन चुकी है, जो मोटापा, डायबिटीज और शारीरिक निष्क्रियता से जुड़ी है। इसके अलावा अत्यधिक शराब का सेवन, हेपेटाइटिस B और C जैसे वायरल संक्रमण, तथा बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों और सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल भी लिवर के लिए गंभीर खतरा बन रहा है।

डॉ. जगदीश के अनुसार, “पहले लिवर की बीमारियां 40–50 वर्ष की उम्र के बाद ज्यादा देखने को मिलती थीं, लेकिन अब 20–30 वर्ष के युवा और यहां तक कि किशोर भी फैटी लिवर का शिकार हो रहे हैं। यह बदलाव हमारी रोजमर्रा की आदतों का सीधा परिणाम है।”
‘साइलेंट डिजीज’ जो देर से पकड़ में आती है
उन्होंने बताया कि लिवर रोग अक्सर शुरुआती चरण में बिना लक्षण के रहते हैं, इसलिए इन्हें “साइलेंट डिजीज” कहा जाता है। लगातार थकान, भूख में कमी, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द, मतली और वजन में बदलाव जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्नत अवस्था में पीलिया, गहरे रंग का पेशाब और पेट में सूजन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

हर 3 में 1 मरीज में लिवर समस्या, युवाओं का बढ़ता हिस्सा

यथार्थ हॉस्पिटल के ओपीडी में आने वाले मामलों में, लगभग 20–30% मरीजों में लिवर से जुड़ी समस्याएं पाई जाती हैं, जिनमें से 40–50% मरीज 40 वर्ष से कम उम्र के युवा होते हैं। अधिकतर मामलों में यह फैटी लिवर से संबंधित होते हैं, जिन्हें समय रहते रोका और ठीक किया जा सकता है।

खानपान और आदतों का सीधा असर

डॉ. जगदीश ने कहा कि प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा चीनी और अनहेल्दी फैट्स लिवर में फैट जमा करते हैं, जबकि संतुलित आहार-फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन,लिवर को स्वस्थ बनाए रखते हैं।

बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लिवर की बीमारियों से बचने के लिए नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, शराब से दूरी, डॉक्टर की सलाह के बिना दवाइयों से परहेज और हेपेटाइटिस वैक्सीनेशन बेहद जरूरी है। साथ ही नियमित हेल्थ चेकअप भी आवश्यक है।

डॉ. जगदीश ने “लिवर हेल्थ का ABCD” फॉर्मूला अपनाने की सलाह दी:
A – एक्टिव रहें: रोज 30–45 मिनट व्यायाम करें
B – संतुलित आहार लें: प्रोटीन युक्त भोजन और कम प्रोसेस्ड फूड
C – नियमित जांच कराएं: समय-समय पर हेल्थ चेकअप
D – पर्याप्त तरल लें: रोज कम से कम 3 लीटर पानी

इसके साथ ही 7 घंटे की पर्याप्त नींद और मीठे पेय व शराब से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।

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