उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर। सूदखोरों से कर्ज लेने का दर्द क्या होता है ये अखिलेश के माता-पिता से ज्यादा कौन बता सकता है। बेटे ने बहू और पोते-पोती के साथ खुद को उस घर में खत्म कर लिया जिसमें दोनों ने सपने बुने थे। 12 लाख रुपए कर्ज के एवज में 32 लाख चुका देने के बाद भी सूदखोरों का पेट नहीं भरा। उन्होंने अखिलेश से 70 लाख की और मांग कर दी। जब पैसे नहीं मिले तो धमकाया और उस मकान को खाली करने का दबाव बनाने लगे जिसे अखिलेश और उसकी पत्नी ने बड़े शौक से बनवाया था। शाहजहांपुर में सामूहिक आत्महत्या ने लोगों को दहलाकर रख दिया है। आत्महत्या करने वाले बरेली के थाना फरीदपुर क्षेत्र के मोहल्ला ऊंचा के मूल निवासी अखिलेश गुप्ता शाहजहांपुर में पत्नी-बच्चों के साथ रहते थे। अखिलेश ने सूदखोर से कर्ज लिया था। उनके दबाव के चलते अखिलेश और उनका परिवार तनाव में था, लेकिन उन्होंने कभी इस तनाव को जाहिर नहीं होने दिया। आखिलेश के माता-पिता से लेकर रिश्तेदार और पड़ोसियों का कहना है कि स्वभाव में बेहद सरल अखिलेश ने अपनी ये परेशानी कभी जाहिर नहीं की। खुद इससे जूझते रहे। हां गत दिनों पैसे नहीं देने के चक्कर में सूदखोरों ने पंचायत बुलाई थी। वहां अखिलेश ने जल्द से जल्द पैसे देने की बात कही थी। पर इतने पैसों का दबाव था और सूदखोर धमकी देकर घर खाली करने को कह रहे थे ये बात अखिलेश ने कभी जाहिर नहीं होने दी। बताया जा रहा है कि रविवार को सूदखोर अखिलेश के घर आए थे और अखिलेश के साथ उनकी पत्नी रेशू के ऊपर भी पैसों का दबाव बनाया था। अखिलेश के पास एक डायरी है जिसमें लेन-देन का पूरा हिसाब लिखा हुआ है। पुलिस ने ये डायरी जब्त कर ली है। स्थानीय लोग गुस्से में हैं और अखिलेश व उनके परिवार को आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर पुलिस से मांग कर रहे हैं कि जिन्होंने आत्महत्या के लिए दबाव बनाया है उनके खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए।
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